श्री.रामचंद्र कर्मवीर अपनी 2.5 एकड़ ज़मीन पर पपीते की खेती कर रहे हैं। उनके पास पपीते के कुल 3,000 पेड़ हैं। वह बहुत सारे सिंथेटिक रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल कर रहे थे, जिसके कारण आखिर उनके खेत में मिट्टी की जल अवशोषण क्षमता कम हो गई। यही नहीं, आखिर में केंचुओं की संख्या भी कम हो गई थी। इसलिए, कुल मिलकर पिछले कुछ वर्षों में उनके खेतों की उत्पादकता में बेहद कमी आई है।